मानवाधिकार आयोग ने भारत भूषण तिवारी के भाई को सरकारी नौकरी देने का निर्देश दिया

भारत भूषण तिवारी की पुलिस से कथित मुठभेड़ में मौत के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आरा डीएम को मृतक के भाई को सरकारी नौकरी देने के साथ पुलिस अधीक्षक को त्वरित चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

देवव्रत साहनी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को याचिका देकर भारत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच (एसआईटी/सीआईडी), साक्ष्यों के संरक्षण, गवाहों की सुरक्षा और अंतरिम मुआवजे की माँग की थी। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग का फैसला इस याचिका के बाद आया है।

सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष मृतक भरत तिवारी की मां, उनके छोटे भाई, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव सिंह तथा मुख्य याचिकाकर्ता व सामाजिक कार्यकर्ता देवव्रत कुमार सहनी आदि मौजूद थे।

साहनी की याचिका के अनुसार, घटना से पूर्व मृतक भरत भूषण तिवारी ने स्थानीय शाहपुर थाना क्षेत्र में बाढ़, कटाव और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक लाइव वीडियो पोस्ट किया था। इसके तुरंत बाद शाहपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यह घटना घटी, जिसे याचिका में फर्जी मुठभेड़ और मानवाधिकारों का हनन बताया गया है।

मानवाधिकार आयोग ने स्थानीय प्रशासन से की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की है।

(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

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